मेष-कन्या: थोड़ा अटपटा, फिर भी टिकाऊ
मेष और कन्या की जोड़ी ज्योतिष में क्विनकुंक्स (150 डिग्री) में आती है, यानी ये एक-दूसरे को पूरी तरह समझ नहीं पाते, लेकिन यही अजीबोगरीब खिंचाव इन्हें दिलचस्प बनाता है। मेष की आग और कन्या की मिट्टी — एक तपता है, दूसरा ठंडा। मंगल की गर्मी और बुध की समझदारी मिलें तो तालमेल बनाना थोड़ा संभलने की माँग करता है। कुल मिलाकर स्कोर 47 है, मतलब मौका है, बस थोड़ी मेहनत चाहिए।
प्यार
प्यार में मेष का जोश और कन्या की सूझ-बूझ टकराते हैं। मेष चाहता है रोमांच, कन्या चाहती है नियम। स्कोर 46 है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि आग लग ही नहीं सकती। मेष की सीधी बात और कन्या की बारीकियाँ एक-दूसरे को पूरा कर सकती हैं, बशर्ते दोनों थोड़ा झुकें। मेष को रफ़्तार कम करनी होगी, और कन्या को हर चीज़ पर पैनी नज़र रखना छोड़ना होगा। फिर रोमांस में एक नई चमक आएगी।
दोस्ती
दोस्ती में ये दोनों अलग-अलग मूड के हैं। मेष दोस्त को पार्टी में ले जाता है, कन्या उसे घर सजाना सिखाती है। स्कोर 43 है, पर दोस्ती का मतलब स्कोर नहीं होता। कन्या की प्लानिंग और मेष का एनर्जी, साथ मिले तो कई मज़ेदार प्रोजेक्ट बन सकते हैं। बस एक-दूसरे की आदतों पर हँसना सीखें, तो साथ में खूब मस्ती करेंगे।
काम
काम के मैदान में ये जोड़ी थोड़ी बेहतर है, स्कोर 52। मेष का हिम्मत और कन्या की बारीकी मिलकर शानदार टीम बना सकती है। मेष नया आइडिया लाता है, कन्या उसे परफेक्ट बनाती है। बस मेष को जल्दबाज़ी और कन्या को ज़्यादा सोचना कम करना होगा। अगर दोनों मिलकर काम करें, तो हर टारगेट आधे समय में पूरा हो सकता है।
इस जोड़े के लिए टिप: एक-दूसरे के तरीके को समझें और बीच का रास्ता निकालें — थोड़ा जोश और थोड़ी समझदारी।